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टॉप हेडलाइंस 5 सितम्बर 2020 ब्रेकिंग न्यूज़- Defence India News

 

टॉप हेडलाइंस 5 सितम्बर 2020 ब्रेकिंग न्यूज़

 

 रक्षामंत्री ने एससीओ की बैठक में भारत को मुक्त, पारदर्शी, समावेशी और नियम-आधारित
वैश्विक सुरक्षा संचरना के विकास के लिए प्रतिबद्ध बताया |
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षुओं से कहा--सतर्क रहें और चुनौतियां
उठाने को तैयार रहें
 सेना प्रमुख जनरल नरवणे की दो दिवसीय लेह यात्रा संपन्न हुई
 चालू खरीफ मौसम में एक हजार 95 लाख हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसल बुआई का
कीर्तिमान बना
 15वें वित्‍त आयोग ने आर्थिक सलाहकार परिषद के साथ विचार-विमर्श किया

1-रक्षामंत्री ने एससीओ की बैठक में भारत को मुक्त, पारदर्शी, समावेशी और नियम-आधारित वैश्विक
सुरक्षा संचरना के विकास के लिए प्रतिबद्ध बताया |
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिर कहा है कि भारत एक ऐसी वैश्विक सुरक्षा संरचना के विकास के लिए
वचनबद्ध है जो मुक्‍त, पारदर्शी, समावेशी और नियम-आधारित हो तथा अंतर्राष्‍ट्रीय कानूनों से जुड़ी
हुई हो। आज मॉस्‍को में शंघाई सहयोग संगठन-एससीओ, सोवियत संघ से अलग हुए स्‍वतंत्र राष्‍ट्रों के
संगठन-सीआईएस और संयुक्‍त सुरक्षा संधि संगठन- सीएसटीओ के सदस्‍य देशों की संयुक्‍त बैठक को
संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि दुनिया की 40 प्रतिशत आबादी शंघाई सहयोग संगठन से जुड़े
सदस्‍य देशों के दायरे में आती है। उन्‍होंने कहा कि दुनिया में एक-दूसरे पर भरोसे और सहयोग,
अनाक्रमण, अंतर्राष्‍ट्रीय कायदे-कानून के प्रति सम्‍मान, एक-दूसरे के हितों के प्रति संवेदनशीलता तथा
मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की व्‍यवस्‍था की जानी चाहिए।
श्री राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि पारम्‍परिक और गैर-पारम्‍परिक खतरों के साथ-साथ
आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्‍करी और अंतर्राष्‍ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए संस्‍थागत क्षमताओं
का विकास करने की आवश्‍यकता है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों और प्रकारों की एक स्‍वर से निंदा करता है और
इसे समर्थन देने वालों की भी भर्त्‍सना करता है। उन्‍होंने आतंकवाद विरोधी क्षेत्रीय ढांचा बनाने के
प्रयास करने के लिए शंघाई सहयोग संगठन के कार्यों की प्रशांसा की। उन्‍होंने कहा कि एससीओ परिषद
ने आतंकवाद के विरूद्ध जो उपाय किए हैं वे बहुत महत्‍वपूर्ण कदम है और उनसे आतंकवादी दुष्‍प्रचार
की रोकथाम में मदद मिली है। श्री सिंह ने आतंकवाद विरोधी वार्षिक शांति मिशन के आयोजन के लिए
रूसी परिसंघ के प्रति भारत का आभार व्‍यक्‍त किया। उन्‍होंने कहा कि इससे आपसी भरोसा कायम
करने और प्रतिरक्षा सेनाओं द्वारा एक-दूसरे के अनुभवों का फायदा उठाने में मदद मिली है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि अभी हम सबके लिए सुरक्षा और विकास के लक्ष्‍य को पूरी तरह प्राप्‍त करने में
सफल नहीं हुए हैं और अफगानिस्‍तान की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। उन्‍होंने कहा कि भारत,
अफगानिस्‍तान में अफगान लोगों के नेतृत्‍व में और उन्‍हीं के द्वारा नियंत्रित शांति प्रक्रिया को समर्थन
देना जारी रखेगा। श्री सिंह ने कहा कि भारत, फारस की खाड़ी की स्थिति को लेकर भी बहुत चिंतित
है। उन्‍होंने कहा कि खाड़ी के सभी देशों से भारत के सभ्‍यतागत संबंध हैं और हमारे अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण
हित भी उनसे जुड़े हुए हैं।
रक्षा मंत्री ने कोविड-19 महामारी की वजह से अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना
व्‍यक्‍त की। उन्‍होंने कहा कि इसने दुनिया के देशों को इस बात का एहसास करा दिया है कि प्रकृति पर

मनुष्‍य का वश नहीं है और प्राकृतिक आपदाएं राष्‍ट्रीयता की सीमाओं को नहीं मानतीं। उन्‍होंने दुनिया
के देशों को आपदाओं निपटने के लिए एकजुट हो जाने की आवश्‍यकता पर जोर दिया।
श्री सिंह ने कहा कि अपने प्रियजनों से बिछुड़ने का दुख मनाते हुए हमें एक समूची पीढ़ी के उन लाखों
लोगों के बलिदानों को नहीं भूलना चाहिए, जिन्‍होंने द्ववितीय विश्‍व युद्ध में अपना जीवन बलिदान
किया। उन्‍होंने कहा कि विश्‍व युद्ध हमें एक देश के दूसरे देश पर आक्रमण करने की व्‍यर्थता की याद
दिलाता है क्‍योंकि ऐसे आक्रमणों से विनाश के अलावा और कुछ हासिल नहीं होता। उन्‍होंने कहा कि
भारत और पूर्व सोवियत संघ के लोगों के पूर्वजों ने आक्रामकता और विस्‍तारवाद से निपटने में सर्वोच्‍च
बलिदान किए थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस साल 24 जून को मॉस्‍को में आयोजित विजय दिवस परेड
में भारत की भागीदारी विश्‍व को फासीवाद, नाजीवाद और विस्‍तारवाद से मुक्‍त कराने में सोवियत
संघ के अनोखे योगदान के प्रति भारत के सम्‍मान के रूप में देखा जाना चाहिए।
श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह वर्ष द्ववितीय विश्‍व युद्ध के समाप्‍त होने और संयुक्‍त राष्‍ट्र की
स्‍थापना का 75वां जयंती वर्ष है। श्री सिंह ने कोरोना महामारी से सफलतापूर्वक निपटने के लिए रूस
के लोगों और वहां की सरकार को शुभकामनाएं दी। उन्‍होंने स्‍पुतनिक-5 टीके की खोज के लिए रूसी
वैकानिकों और चिकित्‍सकर्मियों के प्रयासों की भी सराहना की।

2-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षुओं से कहा--सतर्क रहें और चुनौतियां उठाने
को तैयार रहें
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारतीय पुलिस सेवा-आईपीएस के प्रशिक्षुओं से कहा है कि वे अप्रत्‍याशित
घटनाओं से सतर्क रहें और उनसे निपटने के लिए हमेशा तैयार रहें। उन्‍होंने युवाओं को गलत रास्‍ते पर
जाने से रोकने की आवश्‍यकता पर भी बल दिया। श्री मोदी ने आशा व्‍यक्‍त की कि महिला पुलिस
अधिकारी इस दिशा में बेहतर काम कर सकती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के
माध्‍यम से हैदराबाद में भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षुओं के दीक्षांत परेड को संबोधित कर रहे थे।
उन्‍होंने कहा कि प्रशिक्षुओं को अपनी वर्दी पर गर्व होना चाहिए और कोविड-19 महामारी के दौरान
पुलिस के अच्‍छे काम लोगों के बीच याद किए जायेंगे।
आईपीएस प्रशिक्षुओं ने दो साल का लंबा प्रशिक्षण पूरा किया है। इनमें 28 महिला सहित 131 प्रशिक्षु
शामिल हैं। तमिलनाडु काडर की किरण श्रुति ने पासिंग परेड का नेतृत्‍व किया। अकादमी के इतिहास में
चौथी बार महिला अधिकारी ने इस परेड का नेतृत्‍व किया है। लगभग 58 प्रतिशत आईपीएस प्रशिक्षु
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं, जबकि दस प्रतिशत विज्ञान और 23 प्रतिशत कला तथा वाणिज्‍य संकाय के
छात्र रहे हैं। राष्‍ट्रीय पुलिस अकादमी के निदेशक के अनुसार सबसे अधिक 15 प्रशिक्षुओं को उत्‍तर
प्रदेश जबकि 11 को तेलंगाना काडर आवंटित किया गया है।

3-सेना प्रमुख जनरल नरवणे की दो दिवसीय लेह यात्रा संपन्न हुई
थल सेनाध्‍यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की दो दिन की लेह यात्रा आज सम्‍पन्‍न हो गई। वह कल
लेह पहुंचे थे और वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति का मौके पर जायजा लेने के लिए अग्रिम इलाकों
में गए। उन्‍होंने अधिक ऊंचाई वाले दुर्गम सीमावर्ती इलाकों में तैनात सैनिकों और स्‍थानीय सैन्‍य

कमांडरों से बातचीत की। थल सेना अध्‍यक्ष ने देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में लगे सैनिकों के
हौसले और पेशेवर दक्षता के उच्‍च स्‍तर की प्रशंसा की।
बाद में लेह में उत्‍तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी
और फायर एण्‍ड फ्यूरी कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने उन्‍हें सेना
की संचालन संबंधी तैयारियों तथा सर्दियों में सैनिकों के वहां रहने के सिलसिले में इंतजाम के बारे में
जानकारी दी। जनरल नरवणे ने सेना की संचालन संबंधी तैयारियों और उनकी क्षमता बढ़ाने के उपायों
के प्रयासों पर संतोष व्‍यक्‍त किया।
4-चालू खरीफ मौसम में एक हजार 95 लाख हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसल बुआई का कीर्तिमान बना
सरकार ने आज कहा कि चालू खरीफ मौसम में 1,095 लाख हैक्‍टेयर से अधिक इलाके में विभिन्‍न
फसलें बोई गई हैं जो एक रिकॉर्ड है। धान की बुआई अब भी जारी है जबकि दलहनों, मोटे अनाज,
बाजरा और तिलहनों की बुआई का काम लगभग पूरा हो चुका है।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया है कि आज की तारीख तक खरीफ की फसल के क्षेत्र में बढ़ोतरी
होने पर कोविड-19 महामारी का असर पड़ने का कोई प्रमाण नहीं है। उन्‍होंने कहा कि‍ किसानों को
समय पर बीज, कीटनाशक, उर्वरक, मशीनरी और ऋण जैसी सुविधाएं उपलब्‍ध कराए जाने से काफी
बड़े इलाके में खरीफ की फसलों की बुआई संभव हुई है। श्री तोमर ने कहा कि किसानों को इस बात का
श्रेय दिया जाना चाहिए, कि उन्‍होंने समय रहते नई टेक्‍नोलॉजी को अपनाया और सरकार द्वारा चलाई
जा रही योजनाओं का फायदा उठाने के लिए आगे आए।
कृषि मंत्रालय ने कहा है‍ कि धान की बुआई 396 लाख हैक्‍टेयर क्षेत्र में हुई है, जबकि पिछले साल इसी
अवधि में 365 लाख हैक्‍टेयर पर धान की फसल बोई गई थी। इस साल दलहनों की खेती 136 लाख
हैक्‍टेयर से अधिक क्षेत्र में हुई है, जबकि पिछले साल 130 लाख हैक्‍टेयर में दलहनी फसलें बोई गई
थीं।

5-15वें वित्‍त आयोग ने आर्थिक सलाहकार परिषद के साथ विचार-विमर्श किया
15वें वित्‍त आयोग ने आज आर्थिक सलाहकार परिषद के साथ विचार-विमर्श किया। वित्‍त मंत्रालय ने
बताया है कि बैठक में सकल घरेलू उत्‍पाद-जीडीपी की विकास दर, केंद्र और राज्‍यों के करों की वसूली
और माल और सेवा कर संबंधी मुआवजे तथा वित्‍तीय समेकन जैसे मुद्दों पर विस्‍तार से चर्चा हुई।
स्‍वास्‍थ्‍य पर किए जाने वाले सार्वजनिक खर्च, निवेश बढ़ाने, वित्‍तीय प्रणाली को फिर से चुस्‍त-
दुरस्‍त करने और सरकारी खजाने पर इसके असर के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक की
अध्‍यक्षता 15वें वित्‍त आयोग के अध्‍यक्ष एन. के. सिंह ने की। सलाहकार परिषद का विचार था कि
वित्‍त आयोग के समक्ष अनिश्चितताओं वाली अभूतपूर्व स्थिति है और उसे राज्‍यों को करों के आवंटन के
बारे में बड़ी सूझ-बूझ से कोई निर्णय करना होगा।