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टॉप हेडलाइंस 21 सितम्बर 2020 Breaking News- Defence India News

 

21 Sep 2020 Breaking News

1-भारत और चीन के बीच सोमवार को चुशुल/मोल्डो में कोर कमांडर स्तर की वार्ता होगी। ये छठी बैठक है। पूर्वी लद्दाख में जारी सीमा विवाद को लेकर ये बैठक होनी है।

2-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कृषि विधेयकों के पारित होने की सराहना की, इसे भारतीय कृषि इतिहास में क्रांतिकारी क्षण बताया

3-सामाजिक न्‍याय मंत्रालय मादक पदार्थों की मांग घटाने के लिए राष्‍ट्रीय कार्य योजना लागू करेगा

4-विपक्ष के हंगामे के बीच संसद ने कृषि सुधार विधेयक पारित किये। कृषि मंत्री ने कहा - इन विधेयकों से किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा

5-केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों के हंगामे की निंदा की, विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया

6-भारत ने मालदीव सरकार को 25 करोड डॉलर की वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराई

7-देश में जुलाई से सितम्‍बर तिमाही के दौरान उद्योग जगत की कारोबारी धारणा में सुधार-सी.आई.आई. सर्वेक्षण

8-सिनोमा हालेप, गारबेनिया मुगुरूजा को हराकर इटली ओपन टेनिस के फाइनल में पहुंची

 

1-भारत और चीन के बीच सोमवार को चुशुल/मोल्डो में कोर कमांडर स्तर की वार्ता होगी। ये छठी बैठक है। पूर्वी लद्दाख में जारी सीमा विवाद को लेकर ये बैठक होनी है।

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों के बीच सोमवार को छठी बार कोर कमांडर स्तर की वार्ता होनी है। बातचीत चीन वाले हिस्से की तरफ चुशुल-मोल्डो में होगी। इस दौरान विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव के मौजूद रहने की संभावना है। वार्ता सुबह नौ बजे शुरू होने वाली है। भारत इस वार्ता में कुछ ठोस नतीजे निकलने की उम्मीद कर रहा है।

भारतीय पक्ष का नेतृत्व 14 कोर के लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह करेंगे, जबकि पीएलए मेजर जनरल लिन लियू द्वारा चीनी का प्रतिनिधित्व किया जाएगा। भारतीय प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों में विदेश मंत्रालय (MEA) के संयुक्त सचिव नवीन श्रीवास्तव के साथ-साथ मेजर जनरल अभिजीत बापट और मेजर जनरल पदम शेखावत शामिल होंगे। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिरीक्षक दीपम सेठ भी बैठक का हिस्सा होंगे। भारत ने कहा है कि चीन को पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग झील क्षेत्र सहित टकराव वाले सभी इलाकों से सैनिकों को पूर्ण रूप से हटाने के लिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए। साथ ही, उसे वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने की एकतरफा कोशिशें नहीं करनी चाहिए। वहीं चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि सैनिकों को हटाना और सीमा क्षेत्रों में शांति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू करना भारत पर निर्भर करता है। मास्को में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक से अलग 10 सितंबर को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ एक बैठक की थी, जिसमें सीमा विवाद के हल के लिये पांच सूत्री एक समझौते पर सहमति बनी थी।

 

2-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कृषि विधेयकों के पारित होने की सराहना की, इसे भारतीय कृषि इतिहास में क्रांतिकारी क्षण बताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि सुधारों से संबंधित दो विधेयकों के पारित होने पर कहा कि यह भारतीय कृषि के इतिहास में क्रांतिकारी क्षण है। मोदी ने संसद में दो महत्‍वपूर्ण विधेयक पारित होने पर किसानों को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि इससे कृषि क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव आएगा और करोडो किसान सशक्‍त होंगे। उन्‍होंने कहा कि दशकों से भारतीय किसान विभिन्‍न दबावों से पीडित था और बिचौलियों से परेशान था। उन्‍होंने कहा कि संसद में इन विधेयकों के पारित होने से किसान इन बाधाओं से मुक्‍त होगा। श्री मोदी ने कहा कि इन विधेयकों से किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों में मदद मिलेगी और उनकी समृद्धि सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को आधुनिकतम तकनीक की तत्काल जरूरत है क्योंकि इससे मेहनतकश किसानों को मदद मिलेगी। अब इन विधेयकों के पारित होने से हमारे किसानों की पहुंच भविष्य की टेक्नोलॉजी तक आसान होगी। इससे न केवल उपज बढ़ेगी बल्कि बेहतर परिणाम सामने आएंगे। यह एक स्वागत योग्य कदम है। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य और सरकारी खरीद की प्रक्रिया जारी रहेगी। हम यहां अपने किसानों की सेवा के लिए हैं। राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार किसानों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगी और हम उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करेंगे

 

3-सामाजिक न्‍याय मंत्रालय मादक पदार्थों की मांग घटाने के लिए राष्‍ट्रीय कार्य योजना लागू करेगा

सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय वर्ष 2018-2025 में मादक पदार्थों की मांग घटाने के लिए एक राष्‍ट्रीय कार्य योजना तैयार की है और इसे लागू किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्‍य बहुस्‍तरीय रणनीति के जरिए मादक पदार्थों के दुष्‍प्रभाव को खत्‍म करना है। इसके तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्‍वविद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी और निदान केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। यह जानकारी सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता राज्‍यमंत्री रतनलाल कटारिया ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्‍न के उत्‍तर में दी।

 

4-विपक्ष के हंगामे के बीच संसद ने कृषि सुधार विधेयक पारित किये। कृषि मंत्री ने कहा - इन विधेयकों से किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा

संसद ने कृषि से संबंधित दो महत्‍वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दे दी है। राज्‍य सभा ने आज कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य संवर्धन तथा सरलीकरण विधेयक 2020 और कृषक सशक्‍तीकरण तथा संरक्षण कीमत आश्‍वासन एवं कृषि सेवा पर करार संबंधी 2020 के विधेयक को विपक्षी सदस्‍यों के शोर-शराबे और हंगामे के बीच मंजूरी दी। सदन ने विधेयकों को प्रवर समिति को सौंपने के विपक्षी सदस्‍यों के संशोधनों को भी अस्‍वीकार कर दिया। लोकसभा दोनों विधेयकों को पहले ही पारित कर चुकी है। राज्‍यसभा में विधेयकों के पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्‍थगित कर दी गई। इस दौरान कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी दलों और आम आदमी पार्टी के सदस्‍य सदन के बीचों-बीच आकर विधेयकों का विरोध करते रहे। विपक्षी सदस्‍यों के शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही भी स्‍थगित करनी पड़ी। जब सदन की फिर से बैठक हुई तो सदन के मार्शल सभापति के आसन को घेरे हुए थे और विपक्षी सदस्‍यों के हंगामे और नारेबाजी के बीच सदन ने दोनों विधेयकों को पारित कर दिया। जब कृषि और किसान कल्‍याण मंत्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर विधेयकों पर चर्चा का उत्‍तर दे रहे थे तो उप-सभापति हरिवंश ने कृषि मंत्री के भाषण को पूरा करने के लिए सदन की कार्यवाही एक बजे से आगे बढ़ाने के लिए सदन की सहमति प्राप्‍त करनी चाही, इस पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके पार्टी, वामपंथी दलों और आम आदमी पार्टी के सदस्‍यों ने कहा कि सदन की कार्यवाही आज के लिए स्‍थगित कर कल बहस का उत्‍तर दिया जाना चाहिए। लेकिन उप-सभापति ने कृषि मंत्री से अपना उत्‍तर जारी रखने को कहा। इस पर विपक्षी सदस्‍य सदन के बीचों-बीच आ गये और नारेबाजी करने लगे। कुछ विपक्षी सदस्‍य सभापति के आसन की ओर बढ़ते हुए भी दिखाई दिए। उप-सभापति ने सदस्‍यों से अपनी सीटों पर जाने का बार-बार अनुरोध किया मगर इसका उत्‍तेजित सदस्‍यों पर कोई असर नहीं पड़ा। शोर-शराबे के बीच उप-सभापति ने सदन की बैठक एक बजकर 41 मिनट तक के लिए स्‍थगित कर दी। बैठक जब फिर शुरू हुई तो सदन का माहौल बदला हुआ था। सभापति के आसन को मार्शलों ने घेर लिया था और सदन ने शोर-शराबे के बीच ध्‍वनिमत से विधेयकों को मंजूरी दी। बहस के दौरान कृषि और किसान कल्‍याण मंत्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ने किसानों की आमदनी दुगनी करने के लिए किसानों और राज्‍यों से बातचीत करके अनेक कदम उठाये हैं। उन्‍होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य में काफी बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये की कृषि अवसंरचना निधि भी बनाई गई है। श्री तोमर ने विधेयकों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इनसे किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आयेंगे। उन्‍होंने कहा कि अब तक किसानों को अपने उत्‍पाद किसी भी खरीदार को बेचने की छूट नहीं थी और कृषि उपज विपणन समितियां पारदर्शी तरीके से कार्य नहीं कर रही थीं। उन्‍होंने कहा कि विधेयकों के पारित हो जाने के बाद किसानों को अपनी उपज देश में कहीं भी और किसी को भी बेचने की स्‍वतंत्रता होगी और वे खरीदारों के साथ मोलभाव करके उपज की दर भी तय कर सकते हैं। श्री तोमर ने कहा कि विधेयकों से किसानों को अपनी मेहनत के लिए बेहतर दाम मिलने लगेंगे। उन्‍होंने विपक्ष के इस दावे का खण्‍डन किया कि इनका न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से कोई संबंध है। उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया कि सरकार न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य का निर्धारण करना पहले की तरह जारी रखेगी।

विधेयक पेश करते हुए केन्‍द्रीय कृषि और किसान कल्‍याण मंत्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने विधेयक को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे देश के किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आयेगा। उन्‍होंने कहा कि अब तक किसान कृषि उपज विपणन समितियों के अलावा किसी अन्‍य खरीदार को अपनी उपज नहीं बेच पाते थे। विधेयकों का उद्देश्‍य किसानों की उपज के खरीदारों की संख्‍या बढ़ाने के लिए उन्‍हें बिना किसी लाइसेंस या स्‍टॉक सीमा के अपनी उत्‍पादों को देश में कहीं भी बेचने की सुविधा उपलब्‍ध कराना है। इन विधेयकों से किसानों को अपनी मर्जी से उपज को दूसरे स्‍थानों पर जाकर बेचने का अधिकार भी मिल जायेगा। विधेयकों की व्‍यवस्‍था के अनुसार राज्‍य सरकारें दूसरे राज्‍यों में उपज बेचने वाले किसानों से कोई बाजार शुल्‍क, उपकर या लेवी वसूल नहीं कर सकेंगी। कृषक सशक्‍तीकरण और संरक्षण कीमत आश्‍वासन तथा कृषि सेवा पर करार संबंधी 2020 के विधेयक में फसल बोने से पहले किसान और खरीदार के बीच अनुबंध के जरिए ठेके पर खेती करने के ढांचे के निर्माण की व्‍यवस्‍था है। बहस की शुरूआत करते हुए कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि यह विधेयक सोच-समझकर नहीं बनाये गये हैं और उनकी पार्टी इन्‍हें खारिज करती है। उन्‍होंने कहा कि ये पंजाब, हरियाणा और उत्‍तर प्रदेश के किसानों के हितों के खिलाफ हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि कृषि और खेती राज्‍य के विषय हैं और केन्‍द्र, राज्‍यों के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण कर रहा है। भाजपा के भूपेन्‍द्र यादव का कहना था कि ये विधेयक पिछले 70 साल में देश में कृषि सुधार की दिशा में क्रांतिकारी कदम हैं। उन्‍होंने कहा कि अगर देश आत्‍मनिर्भर बने रहना चाहता है तो ये सुधार करने ही होंगे।

 

उन्‍होंने कांग्रेस पर किसानों के विकास के रास्‍ते में रोडे अटकाने और इस मुद्दे को लेकर राजनीति करने का भी आरोप लगाया। श्री यादव ने सवाल किया कि कांग्रेस इन विधेयकों को कैसे विरोध कर सकती है क्‍योंकि यूपीए के शासनकाल में कृषि संबंधी एक कार्यदल ने कृषि उपज विपणन समितियों और कृषि विपणन के क्षेत्र में सुधार की वकालत की थी। इससे पहले विधेयकों पर सदन में हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस, वामपंथी दलों, तृणमूल कांग्रेस और कुछ अन्‍य सदस्‍यों ने विधेयक के विरोध में एक प्रस्‍ताव रखा। मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के के0 के0 रागेश ने आरोप लगाया कि यह विधेयक बड़ी कम्‍पनियों के हित में है क्‍योंकि बाजार में मोल-भाव के जरिए दाम तय करने में किसानों के मुकाबले कम्‍पनियों की स्थिति ज्‍यादा मजबूत होगी। उन्‍होंने विधेयकों को वापस लिये जाने की भी मांग की। श्री रागेश ने कहा कि देश भर में किसान और उनकी यूनियनें विधेयकों का विरोध कर रही हैं और सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। श्री रागेश के साथ-साथ डीएमके पार्टी के तिरुचि सिवा, तृणमूल कांग्रेस के डेरक ओ ब्रायन और कांग्रेस के के0 सी0 वेणुगोपाल ने भी विधेयकों को संसद की प्रवर समिति को सौंपें जाने के लिए संशोधन पेश किए।

 

5-केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों के हंगामे की निंदा की, विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि राज्‍यसभा में कृषि संबंधी दो विधेयकों को पारित किए जाने के दौरान विपक्षी सदस्‍यों का हंगामा दुखद, दुर्भाग्‍यपूर्ण और अत्‍यधिक शर्मनाक है। उन्‍होंने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सदन में चर्चा का माहौल बनाना सत्‍ता पक्ष की जिम्‍मेदारी है, लेकिन विपक्ष का भी कर्तव्य है कि वह संसदीय मर्यादाओं का पालन करे। श्री सिंह ने कहा कि ऐसी घटना संसदीय इतिहास में पहले कभी नहीं हुई है। श्री सिंह ने कहा कि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के साथ विपक्ष क व्यवहार असंवैधानिक था जिसे पूरे देश ने देखा है। उन्होने कहा कि इससे संसदीय लोकतंत्र की गरिमा तार-तार हुई है। श्री सिंह ने कहा कि विपक्षी दल देश के किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आमदनी दोगुनी करना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यसभा में आज पारित किए गए दोनों कृषि विधेयक ऐतिहासिक हैं और इनसे किसानों की आय बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

एक सवाल के जवाब में श्री सिंह ने कहा कि किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी रहेगा। राज्यसभा के उपाध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास नोटिस के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह नोटिस सभापति को दिया गया है और वे ही इस पर फैसला लेंगे।

 

6-भारत ने मालदीव सरकार को 25 करोड डॉलर की वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराई

भारत ने मालदीव सरकार को कोविड-19 महामारी के कारण हुए आर्थिक असर से निपटने के लिए बजटीय सहायता के रूप में 25 करोड डॉलर की वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराई है। मालदीव सरकार के विदेश मंत्रालय में इस आदान- प्रदान को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। मालदीव के विदेश मंत्री अब्‍दुल्‍ला शाहिद, वित्‍त मंत्री इब्राहीम अमीर, उच्‍चायुक्‍त संजय सुधीर और माले स्थित भारतीय स्‍टेट बैंक के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी भरत मिश्रा इस अवसर पर मौजूद थे।

मालदीव के विदेश मंत्री अब्‍दुल्‍ला शाहिद ने इस अवसर पर कहा कि भारत ने महामारी के इस कठिन दौर में एक सच्‍चे मित्र होने का सबूत दिया है। पच्चीस करोड़ डॉलर की यह बजटीय सहायता मालदीव के राष्‍ट्रपति इब्राहीम मोहम्‍मद सॉलेह द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से मालदीव में उत्‍पन्‍न कठिन आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए आर्थिक सहायता की मांग के बाद उपलब्‍ध कराई गई है। हमारे संवाददाता ने बताया है कि इसे मालदीव सरकार के लिए सर्वाधिक आसान शर्तों पर उपलब्‍ध कराया गया है।

 

7-देश में जुलाई से सितम्‍बर तिमाही के दौरान उद्योग जगत की कारोबारी धारणा में सुधार-सी.आई.आई. सर्वेक्षण

देश में जुलाई से सितम्‍बर तिमाही के दौरान उद्योग जगत की कारोबारी धारणा में सुधार हुआ है। सी.आई.आई की ओर से किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार सरकार की ओर से क्रमिक रूप से आर्थिक और कारोबारी गतिविधियां फिर से बहाल करने का उद्योग जगत पर अनुकूल प्रभाव पडा है। सी.आई.आई. की ओर से जारी आज एक विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए कहा कि जुलाई से सितम्‍बर 2020 तिमाही के दौरान कारोबारी विश्‍वास इं‍डेक्‍स बढकर 50 दशमलव तीन पर पहुंच गया जबकि अप्रैल से जून तिमाही के दौरान इस वर्ष यह अपने न्‍यूनतम स्‍तर 41 पर चला गया था।

 

8-सिनोमा हालेप, गारबेनिया मुगुरूजा को हराकर इटली ओपन टेनिस के फाइनल में पहुंची

इटेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता प्राप्त सिमोना हालेप महिला सिंगल्स के फाइनल में पहुंच गई हैं। आज हुए सेमीफाइनल में उन्होंने गार्बिन मुगुरुज़ा को 6-3, 4-6, 6-4 से हराया। दूसरा सेमीफाइनल पिछले साल की फ्रेंच ओपन की उपविजेता मार्केता वांड्राउसोवा और गत चैम्पियन कैरोलिना प्लीस्कोवा के बीच होगा। पुरूष सिंगल्स में पहला सेमीफाइनल नोवाक जोकोविच और कैस्पर रूड के बीच चल रहा है। दूसरा सेमीफाइनल आज रात डेनिस शापोवालोव और डिएगो श्वाट्र्ज़मैन के बीच होगा।