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टॉप हेडलाइंस 17 सितम्बर 2020 ब्रेकिंग न्यूज़- Defence India News

 

1. सरकार ने कहा-जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकवादी घटनाओं में कमी आयी

2. लोकसभा ने बैंकिंग नियमन (संशोधन) विधेयक-2020 पारित किया, वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा- विधेयक से जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा होगी

3. सरकार उद्योगों को अनापत्ति प्रमाण पत्र और स्‍वीकृति देने की तमाम सुविधाओ हेतु सिंगल विंडो प्रणाली के लिए प्रयासरत : वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री

4. कोविड महामारी के मद्देनजर सरकार का वृद्धाश्रम चलाने वाली एजेंसियों को अग्रिम अनुदान जारी करने का निर्णय

5. भारतीय सेना के क्षेत्रीय उपस्कर

 

1-सरकार ने कहा-जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकवादी घटनाओं में कमी आयी

संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू कश्मीर को केन्द्रशासित प्रदेश बनाने के बाद से वहां आतंकवादी घटनाओं में काफी कमी आई है। राज्यसभा में आज गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुए कहा कि वहां 5 अगस्त 2019 से 9 सितम्बर 2020 के बीच कोई बड़ी आतंकवादी घटना नहीं हुई। श्री रेड्डी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने से पहले 402 दिन के अन्दर जम्मू कश्मीर में कुल 455 आतंकवादी घटनाएं हुईं थी। उन्होंने बताया कि 5 अगस्त 2019 से 9 सितम्बर 2020 के बीच केवल 211 आतंकवादी घटनाएं हुई। श्री रेड्डी ने कहा कि सरकार ने आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठनों की चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए सरकार ने सुरक्षा बढ़ाई है और कानून को कड़ाई से लागू किया है।

 

2-लोकसभा ने बैंकिंग नियमन (संशोधन) विधेयक-2020 पारित किया, वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा- विधेयक से जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा होगी

विधेयक पर हुई चर्चा में वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि इससे देश में सहकारी बैंकों के जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा हो सकेगी। उन्‍होंने महाराष्‍ट्र में पीएमसी बैंक का जिक्र करते हुए कहा कि नए कानून के बन जाने से ऐसी स्थितियों में छोटे जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा की जा सकेगी। श्रीमती सीतारामन ने कहा कि कोरोना महामारी ने सहकारी बैंकों की वित्‍तीय स्थिति पर बुरा असर डाला है। उन्‍होंने बताया कि देश में दो सौ 77 शहरी सहकारी बैंक खराब हालत में हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि इनमें से एक सौ पांच सहकारी बैंक न्‍यूनतम निर्धारित राशि रखने की स्थिति में नहीं है, जबकि 47 की शुद्ध लागत ऋणात्‍मक स्थिति में है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि इस विधेयक में बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा-3, धारा-45 और धारा-56 में संशोधन का प्रस्‍ताव है। इससे नियम कानून की दृष्टि से सहकारी बैंकों और वाणिज्यिक बैंकों में एकरूपता लाई जा सकेगी। इस विधेयक से भारतीय रिज़र्व बैंक सहकारी बैंकों के पुनर्गठन या विलय की योजना बना सकेगा और जमाकर्ताओं के हित में सही प्रबंधन की व्‍यवस्‍था भी कर सकेगा। सहकारी समितियों द्वारा कृषि के विकास और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को दीर्घावधि पूंजी उपलब्‍ध कराए जाने के बारे में कुछ सदस्‍यों की आशंकाओं को दूर करते हुए वित्‍त मंत्री ने कहा कि इन्‍हें इस विधेयक के दायरे में नहीं रखा गया है। उन्‍होंने स्‍पष्‍ट रूप से कहा‍ कि जो सहकारी समितियां अपने नाम के साथ बैंक शब्‍द का इस्‍तेमाल नहीं करती हैं और चेकों का समाशोधन नहीं करतीं हैं उन्‍हें इस विधेयक के दायरे से बाहर रखा गया है। कांग्रेस, मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के सदस्‍यों ने विधेयक को देश के संघीय ढांचे के खिलाफ बताते हुए इसका विरोध किया।

वित्‍तमंत्री ने बहस का उत्‍तर देते हुए कहा कि यह विधेयक संघीय सूची के विषयों से संबंधित है, इसलिए इस पर राज्‍यों से विचार-विमर्श करने की कोई आवश्‍यकता नहीं है। उन्‍होंने कहा कि केवल समवर्ती सूची के विषयों पर राज्‍यों से परामर्श आवश्‍यक है।

 

3-सरकार उद्योगों को अनापत्ति प्रमाण पत्र और स्‍वीकृति देने की तमाम सुविधाओ हेतु सिंगल विंडो प्रणाली के लिए प्रयासरत : वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री

लोकसभा में लिखित प्रश्‍न के उत्‍तर में श्री गोयल ने कहा कि भारत में निवेश के लिए सूचना टेक्‍नोलॉजी के कई प्‍लेटफॉर्म उपलब्‍ध होने के बावजूद निवेशकों को विभिन्‍न जानकारियां हासिल करने और अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्‍त करने के लिए कई जगह भटकना पड़ता है। उन्‍होंने यह भी कहा कि नई प्रणाली के बन जाने से निवेशकों को केंद्र और राज्‍य सरकारों से संबंधित सभी स्‍वीकृतियां एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्‍ध हो जाएंगी और वे भारत में आसानी से अपना कारोबार शुरू कर सकेंगे। श्री गोयल ने कहा कि निवेश की स्‍वीकृति के लिए यह प्रकोष्‍ठ एक राष्‍ट्रीय पोर्टल के रूप में काम करेगा। जिसमें केंद्र और राज्‍य सरकारों के विभिन्‍न मंत्रालयों और विभागों से संबंधित प्रणालियों को आपस में जोड़ दिया जाएगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि ऐसा करने से मंत्रालयों के मौजूदा सूचना टेक्‍नोलॉजी पोर्टलों के काम-काज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

4-कोविड महामारी के मद्देनजर सरकार का वृद्धाश्रम चलाने वाली एजेंसियों को अग्रिम अनुदान जारी करने का निर्णय

सरकार ने कोविड महामारी के मद्देनजर वृद्धा आश्रम चलाने वाली एजेंसियों को अग्रिम अनुदान जारी करने का निर्णय लिया है। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2020-21 के दौरान अब तक ऐसे वृद्धा आश्रम चलाने वाली एजेंसियों के लिए कुल 83 करोड़ रूपये जारी किए जा चुके हैं। मंत्रालय, वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना लागू कर रही है जिसके अंतर्गत राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन जैसी वृद्धाश्रम चलाने और उसका प्रबंधन करने वाली एजेंसियों को अऩुदान सहायता दी जाती है। पंजीकृत सोसाइटियों के माध्यम से इन एजेंसियों को अऩुदान सहायता दी जाती है। 

 

5-भारतीय सेना के क्षेत्रीय उपस्कर

भारत एक शांतिप्रिय देश है और अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है। भारत हमेशा बातचीत के जरिए मुद्दों को हल करना पसंद करता है। जबकि पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमाओं के मुद्दे को हल करने के लिए बातचीत जारी है, सैन्य स्तर पर यह लंबे समय तक गतिरोध के लिए अच्छी तरह से तैयार है। लद्दाख में ऊँचाई वाले इलाकों में अधिक बर्फ बारी होती है जिसके कारण नवंबर के महीने में तापमान शून्य से 30-40 आ जाता है ठंडी हवा चलने से सैनिकों के लिए हालात और भी बदतर हो जाता है बर्फ गिरने के कारन से सड़के भी बंद हो जाती हैं लेकिन इन सब के बावजूद भारत के लिए उत्साह जनक बात यह है कि भारतीय सैनिकों को शीतकालीन युद्ध का बहुत अनुभव है और वे अल्प सूचना पर काम करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहते है जबकि यह तथ्य दुनिया को पता है। ग्लोबल टाइम्स (चीन) की मीडिया रिपोर्टस में कहा गया है की भारत ऑप्रेशनल लोजिस्टिक के लिय पर्याप्त रूप से सक्षम नहीं है और सर्दियों में नहीं लड़ पाएगा जबकि भारतीय सेना पूरी तरह से तैयार है और पूर्ब लदाख में सर्दियों में भी एक पूर्ण युद्ध लड़ने में सक्षम है।