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टॉप हेडलाइंस 16 सितम्बर 2020 ब्रेकिंग न्यूज़- Defence India News

 

1-रक्षामंत्री ने कहा--हाल में नियंत्रण रेखा पर चीनी सैनिको का उग्र व्‍यवहार पिछले सभी समझौतों का उल्‍लंघन

2-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार में नमामि गंगे और अमृत योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया

3-कोविड से संघर्षरत स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण पैकेज बीमा योजना छह महीनों के लिए बढ़ी

4-शंघाई सहयोग संगठन की एक बैठक में जानबूझकर भारत का एक काल्पनिक मानचित्र लगाये जाने पर भारत की कड़ी आपत्ति

 

1-रक्षामंत्री ने कहा--हाल में नियंत्रण रेखा पर चीनी सैनिको का उग्र व्‍यवहार पिछले सभी समझौतों का उल्‍लंघन

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत अपने सीमावर्ती इलाकों से संबंधित मौजूदा मुद्दोंको बातचीत के जरिए शांतिपूर्णतरीके से शांतिपूर्ण तरीके से हल करने को प्रतिबद्ध है। श्री सिंह ने कहा कि आपसी सम्मान और संवेदनशीलता पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखने का आधार है। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर उत्पन्न स्थिति के बारे में आज लोकसभा में दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि भारत मौजूदा स्थिति को बातचीत से हल करने के प्रति गंभीर है। रक्षा मंत्री ने सदन को बताया कि भारत तीन प्रमुख सिद्धांतों पर गंभीर रुख अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को वास्तविक नियंत्रण रेखा का पूरी तरह सम्मान करना चाहिए और यथास्थिति को एकतरफा कार्रवाई करके बदलने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच सभी समझौतों को पूर्णता के साथ अमल में लाना चाहिए। उन्होंने सदन से उन सशस्त्र बलों के हित में एक प्रस्ताव पारित करने को भी कहा, जो खराब मौसम की स्थितियों में भी ऊंचाई वाले स्थानों पर मातृभूमि की रक्षा में डटे हैं। श्री सिंह ने कहा कि चीन लद्दाख में लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र पर लगातार गैर-कानूनी कब्जा बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौता, 1963 के अंतर्गत पाकिस्तान ने गैर-कानूनी तरीके से पाक अधिकृत कश्मीर का पांच हजार एक सौ अस्सी वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चीन को सौंप दिया है। रक्षामंत्री ने कहा कि पहले भी चीन के साथ सीमा क्षेत्र पर टकराव की स्थितियां बनी थीं, जिन्हें शांतिपूर्ण ढंग से हल कर लिया गया था।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष की स्थिति यद्यपि पहले से भिन्न है और टकराव वाले स्थानों पर सैनिकों की तैनाती भी अलग तरह की है। परंतु, फिर भी भारत समस्या के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के सैनिकों द्वारा किया गया उग्रतापूर्ण व्यवहार पिछले सभी समझौतों का उल्लंघन है। श्री सिंह ने कहा कि हालांकि चीन ने अपने सैनि कों की बड़ी संख्या और हथियार को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात किया है, परंतु, भारतीय सेना सीमा पर उत्पन्न हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। कांग्रेस के सदस्यों ने भारत-चीन सीमा मसले पर चर्चा की मांग को लेकर सदन से वाकआउट किया।

 

2-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार में नमामि गंगे और अमृत योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया

 

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडि़यो कांफ्रेंसिंग के जरिये नमामि‍ गंगे और अमृत योजना के तहत बिहार में शहरी बुनियादी ढांचे से संबंधित सात परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। इनमें से चार परियोजनाएं जलापूर्ति से संबंधित हैं जबकि दो, मलजल उपचार और एक, नदी क्षेत्र के विकास से जुडी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत पांच सौ 41 करोड़ रुपये है। केन्‍द्र सरकार की इस योजना का कार्यान्‍वयन राज्‍य सरकार के शहरी विकास और आवासन विभाग के अंतर्गत बिहार शहरी बुनियादी ढांचा विकास निगम-बुडको द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधान मंत्री ने कहा कि यह आयोजन अभियंता दिवस के अवसर पर हो रहा है जो कि देश के महान अभियंता एम. विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्‍य में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि देश के इंजीनियरों ने दुनिया के साथ-साथ देश के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया है। श्री मोदी ने कहा कि गंगा नदी को स्वच्छ रखने के लिए बिहार में छह हजार करोड़ रुपये की 50 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि गंगा के किनारे कई पर्यटन स्थल विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्‍यक्त की कि नमामि गंगे परियोजना लोगों के जीवन शैली को बदल देगी। गंगा नदी में प्रदूषित जल के प्रवाह को रोकने के लिए मलजल उपचार संयंत्र स्थापित किए गए हैं। गंगा के किनारे गंगा ग्राम के रूप में गांव बसाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि नमामि गंगे मिशन के तहत देश में एक सौ 80 से अधिक घाटों पर विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे मिशन, डॉल्फिन परियोजना और गंगा में जैव विविधता के लिए भी बहुत सहायक सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार के संयुक्त प्रयासों से राज्य भर के शहरों में पीने के पानी और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है। पिछले चार से पांच वर्षों में अमृत मिशन के अंतर्गत योजनाओं और राज्‍य सरकार की योजनाओं के जरिए बिहार के शहरी क्षेत्रों में लाखों परिवारों तक जलापूर्ति की सुविधा दी गई है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि पिछले एक वर्ष में जल जीवन मिशन के तहत देशभर में दो करोड़ से अधिक पानी के कनेक्शन दिए गए हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज देश में एक लाख से अधिक घरों को नलों के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। प्रधानमंत्री ने पटना नगर निगम में बेउर और कर्मालीचक में नमामि गंगे के तहत निर्मित मलजल उपचार संयंत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने सीवान नगर परिषद और छपरा नगर निगम में अटल मिशन के तहत निर्मित जल आपूर्ति परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। इन दोनों परियोजनाओं से स्थानीय निवासियों को 24 घंटे शुद्ध पेयजल प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने अमृत मिशन के तहत मुंगेर जलापूर्ति योजना की आधारशिला रखी जिससे मुंगेर नगर निगम के निवासियों को नलों के जरिए शुद्ध पेयजल प्राप्त होगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने जमालपुर नगर परिषद में अमृत मिशन के तहत जमालपुर जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया। श्री मोदी ने नमामि गंगे के तहत बनाई जा रही मुजफ्फरपुर नदी क्षेत्र विकास योजना की भी आधारशिला रखी। इस परियोजना के तहत, मुजफ्फरपुर के तीन घाटों- पूर्वी अखाड़ा घाट, सिद्ध‍ि घाट और चंद्रवाड़ा घाट का विकास किया जाएगा। नदी क्षेत्र में शौचालय, सूचना केन्‍द्र और सुविधा केन्‍द्र जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जाएंगी। इन सभी घाटों पर प्रकाश व्‍यवस्‍था और समुचित सुरक्षा प्रबंध किए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की सहायता करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। श्री कुमार ने भरोसा दिलाया कि‍ राज्य इन केंद्रीय परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए सभी आवश्‍यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि मलजल उपचार संयंत्रों के पानी का इस्तेमाल राज्य में सिंचाई के लिए किया जाएगा केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है और राज्‍य में आठ हजार सात सौ 43 पंचायतों को भारत नेट के माध्यम से जोड़ा गया है।

 

3-कोविड से संघर्षरत स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण पैकेज बीमा योजना छह महीनों के लिए बढ़ी

कोविड-19 के खिलाफ लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज बीमा योजना को अगले छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। इसे इस वर्ष 30 मार्च को 90 दिनों की अवधि के लिए घोषित किया गया था और फिर 25 सितंबर तक 90 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया था। इस योजना को अब एक सौ 80 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है। यह केंद्रीय योजना सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं सहित उन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को 50 लाख रुपये के बीमा के दायरे में लाती है, जिन्हें कोविड-19 रोगियों के सीधे संपर्क और देखभाल में रहना पड़ सकता है तथा उन्‍हें संक्रमित होने का जोखिम बना रहता है। इस योजना में कोविड-19 के कारण दुर्घटनावश मौत के शिकार लोग भी शामिल हैं। इस योजना में निजी अस्पताल के कर्मचारी, सेवानिवृत्त, स्वयंसेवक, स्थानीय शहरी निकाय, अनुबंध या दैनिक वेतनभोगी, तदर्थ और आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। इस योजना के तहत प्रदान किया गया बीमा लाभार्थी द्वारा प्राप्त किसी अन्य बीमा कवर के अलावा है। इस योजना के लिए कोई आयु सीमा नहीं है और व्यक्तिगत नामांकन की भी आवश्यकता नहीं है। इस योजना के लिए प्रीमियम की पूरी राशि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वहन की जा रही है। इस नीति के तहत लाभ या दावा किसी भी अन्य नीतियों के तहत देय राशि के अतिरिक्त है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने योजना के लिए तैयार दिशानिर्देशों के आधार पर बीमा राशि प्रदान करने के लिए न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ सहयोग किया है। अब तक, इस योजना के तहत कुल 61 दावों का निपटान और भुगतान किया गया। एक सौ 56 दावों की न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड जांच कर रही हैं और 67 मामलों में राज्यों द्वारा दावों के प्रपत्र जमा किए जाने हैं। यह योजना केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे की पंक्ति वाले स्वास्थ्यकर्मियों के कल्याण और भलाई को सुनिश्चित करना है। यह उनकी निस्वार्थ सेवा और काम के प्रति समर्पण का फल है कि भारत कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने तथा एक मृत्युदर को दशमलव छह-चार प्रतिशत तक सीमित रखने में सक्षम रहा है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे कम दर वाले देशों में से है। 

 

4-शंघाई सहयोग संगठन की एक बैठक में जानबूझकर भारत का एक काल्पनिक मानचित्र लगाये जाने पर भारत की कड़ी आपत्ति

भारत ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि पाकिस्तान के एन०एस०ए० ने हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन- एस०सी०ओ० के सदस्य देशों के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में जानबूझकर एक काल्पनिक मानचित्र लगाया। सदस्य देशों के सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि यह कार्रवाई मेजबान रूस द्वारा जारी परामर्श की अवहेलना और बैठक के मानदंडों का उल्लंघन थी। उन्होंने बताया कि भारतीय पक्ष ने मेजबान रूस के साथ विचार-विमर्श के बाद इस घटना के विरोध में बैठक छोड़ दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा कि जैसे कि उम्मीद की जा रही थी, पाकिस्तान ने इस घटना के बारे में भ्रामक प्रचार किया। 

सरकारी सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान ने इस नक्‍शे में भारतीय क्षेत्रों को पाकिस्‍तान का हिस्‍सा दर्शाया है जो एस०सी०ओ० चार्टर का सरासर उल्‍लंघन है और देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के स्थापित मानदंडों के खिलाफ है। सूत्रों ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के इस अवैध नक्‍शे पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है। मेजबान रूस ने पाकिस्तान को ऐसा न करने के लिए कड़ी चेतावनी दी। नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ रशियन फेडरेशन के सचिव निकोलाई पेत्रुशेव ने शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के प्रति व्यक्तिगत रूप से आभार जताया। सूत्रों ने यह भी कहा कि रूस ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई का समर्थन नहीं किया। रूस ने उम्‍मीद जताई कि पाकिस्तान की इस भडकाऊ कार्रवाई से एस०सी०ओ० में भारत की भागीदारी प्रभावित नहीं होगी। श्री पेत्रुशेव ने आशा व्‍यक्‍त की कि भविष्‍य के कार्यक्रमों में श्री अजीत डोभाल उपस्थित रहेंगे।