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FATF की तलवार पाकिस्तान पर - अब पाकिस्तान का BLACKLIST में जाना तय- Defence India News

 

भारत -पाकिस्तान  के  बीच  चल रहे  सैन्य  विवादों  की  चर्चा  जोर शोर  से  सब  जगह  हो  रही  है  पर  आज  हम  भारत -पाकिस्तान  के  बीच  चल  रहे  एक  सबसे  महत्वपूर्ण  मुद्दे  की  बात  करेंगे  और  जानेगे  कैसे  अब  पाकिस्तान  का  BLACKLIST में  जाना  तैया हो  गया  है  साथ ही   भारत  का  अगला  कदम  अंतराष्ट्रीय  स्थल  पर  पाकिस्तान  आतंकी फंडिंग  को लेकर  क्या  होगा| 

FATF की तलवार पाकिस्तान पर लटकी हुई है पिछले महीने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने कहा कि इस्लामिक राष्ट्र को ग्रे लिस्ट में बने रहना चाहिए और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के इसी स्टेटमेंट पर पाकिस्तान अड़ा हुआ है। सबको  पता  है  की  पाकिस्तान  पहले  से  Grey list में  शामिल है और  अगर  समय  रहते  वो  अपने  पक्ष  को  FATF के  सामने  नई  रखता  है  तो  उसे  Blacklist में  जाने  से  कोई  नई  रूक  सकता  है |

भारत  का  अगला  कदम इस  मुद्दे पर  क्या  होने  वाला  है  FATF के  सामने  वो  महत्वपूर्ण  बन  जाता  है  सभी  के  लिए | भारत पूरी  तरह  तैयार  है  अगली टास्क फोर्स मीट में पाकिस्तानी आतंकी फंडिंग के आरोपों को बढ़ाने  के  लिए। भारत इस वर्ष अक्टूबर में अपनी अगली प्लेनरी के लिए टास्क फोर्स से मिलने पर टेरर फंडिंग में पाकिस्तान की संलिप्तता और उसकी निष्क्रियता की जांच करने के लिए नए सिरे से अनुरोध करने के लिए तैयार है।

पाकिस्तानी पर आतंकी गतिविधयों को निर्धारित करने के लिए  नई दिल्ली 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों और पुलवामा आतंकी हमले में इस्लामाबाद की विफलता को भी भारत फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के सामने उठा सकता है। समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि सूत्रों के मुताबिक भारतीय दल डैनियल पर्ल हत्या मामले को भी बढ़ा सकता है। यहां यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पाकिस्तान जून 2018 से FATF के ग्रे लिस्ट ’पर है।

पाकिस्तान ब्लैक-लिस्टेड हो सकता है अगर वो समय सीमा समाप्त होने से पहले कुछ महत्वपूर्ण सुधार करे जैसे  देश अपनी 27-सूत्रीय कार्य योजना में FATF द्वारा निर्धारित शेष 13 शर्तों का पालन नहीं करता है, जिसमें आतंक के वित्तपोषण पर अंकुश लगाना, अभियोजन संगठनों के खिलाफ कानून लागू करना और कानूनी प्रणालियों में सुधार करना शामिल है, पाकिस्तान इन सभी पर समय सीमा समाप्त होने से पहले काम करता है तो यह हो सकता है|

पाकिस्तान को देश में आतंकवादी वित्तपोषण को रोकने के लिए उपचारात्मक कार्रवाई सहित प्रतिबंधों की प्रभावशीलता का प्रदर्शन करना होगा, इसे विशेष रूप से प्रतिबंधित संगठनों के लिए वित्तीय संस्थानों द्वारा आतंक के वित्तपोषण के खिलाफ बेहतर प्रभावशीलता सुनिश्चित करना होगा। पाकिस्तानी मनी प्रकाशन जैसे अवैध धन या मूल्य हस्तांतरण सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई करना अभी बाकी है।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) वैश्विक धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण पहरेदार है, अंतर-सरकारी संस्था अंतरराष्ट्रीय मानकों को निर्धारित करता है जिसका उद्देश्य इन अवैध गतिविधियों और समाज को होने वाले नुकसान को रोकना है। सभी  बातो  को  समझते  हुए  अब  FATF का  फैसला  क्या  होगा  वो  पाकिस्तान  और  भारत  दोनों ही देश  के  लिए  महत्वपूर्ण  साबित  होगा|